नई दिल्ली, 27 जून। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और तेजी से बदलती डिजिटल तकनीकों के इस दौर में उच्च शिक्षा संस्थानों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी विद्यार्थियों को केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें Digital Transformation के अनुरूप तैयार करना है। यह बात भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के पूर्व महानिदेशक और वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. संजय द्विवेदी ने टेक्निया इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज tecnia institute of advanced studies(TIAS) के 24वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में कही।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया चौथी औद्योगिक क्रांति के दौर से गुजर रही है, जहां Artificial Intelligence (AI), Automation, Data Analytics, Digital Communication और नई तकनीकें हर क्षेत्र की कार्यप्रणाली बदल रही हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ डिजिटल कौशल और नवाचार की समझ देना बेहद आवश्यक हो गया है।
केवल डिग्री नहीं, सीखते रहने की क्षमता भी जरूरी
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. द्विवेदी ने कहा कि डिग्री हासिल करना शिक्षा का अंतिम पड़ाव नहीं है, बल्कि नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। आज का युवा तभी सफल होगा, जब वह बदलती तकनीकों के साथ स्वयं को लगातार अपडेट करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य उन्हीं युवाओं का होगा जो AI Tools, Digital Skills, Critical Thinking, Innovation और Problem Solving जैसी क्षमताओं को विकसित करेंगे। इसलिए शिक्षा संस्थानों को अपने पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति में समय के अनुरूप बदलाव करना होगा।
शिक्षकों की भूमिका भी बदले
प्रो. द्विवेदी ने शिक्षकों से भी विशेष अपील करते हुए कहा कि वे विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखें। उन्हें डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए तैयार करना आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि AI के युग में शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मेंटॉर, गाइड और इनोवेशन लीडर की भूमिका निभाएंगे। यदि शिक्षा संस्थान समय के साथ नहीं बदलेंगे तो विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

समाज और राष्ट्र निर्माण में ज्ञान का उपयोग करें
प्रो. द्विवेदी ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा और तकनीकी दक्षता का उपयोग केवल व्यक्तिगत करियर के लिए नहीं, बल्कि समाज, राष्ट्र और मानवता के कल्याण के लिए भी करें। उन्होंने कहा कि तकनीक तभी सार्थक है जब उसके साथ नैतिकता, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व भी जुड़ा हो।
टेक्निया इंस्टीट्यूट Tachnia Institute में आयोजित हुआ 24वां दीक्षांत समारोह
इस अवसर पर टेक्निया इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज के 24वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया।
समारोह की अध्यक्षता संस्थान के चेयरमैन डॉ. आर. के. गुप्ता ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में उद्योग विशेषज्ञ संतोष मित्तल उपस्थित रहे। संस्थान के निदेशक डॉ. अजय गुप्ता, डीन डॉ. एम. एन. झा, संकाय सदस्य, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी समारोह में मौजूद रहे।
डॉ. आर. के. गुप्ता ने कहा कि संस्थान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।