VHP Ram Mandir SCAM : Priyanka, kejriwal, Sanjay पर FIR दर्ज करने की मांग

VHP Ram Mandir SCAM श्रीराम जन्मभूमि मंदिर Ram mandir में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर जारी सियासी विवाद अब कानूनी मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या पुलिस के जांच अधिकारी (IO) को पत्र लिखकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, सांसद संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

VHP का कहना है कि इन नेताओं ने सार्वजनिक मंचों, सोशल मीडिया और मीडिया इंटरव्यू में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। यदि उनके पास इन आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत हैं तो उन्हें जांच एजेंसी को उपलब्ध कराने चाहिए, अन्यथा कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

VHP letter to DCP ayodhya
VHP letter to DCP ayodhya

VHP Ram Mandir SCAM पत्र में क्या कहा?

4 जुलाई 2026 को जांच अधिकारी को भेजे गए पत्र में VHP ने कहा कि राम जन्मभूमि थाना में दर्ज FIR संख्या 0090/2026 की जांच निष्पक्ष और व्यापक होनी चाहिए। संगठन ने मांग की है कि जिन नेताओं ने करोड़ों रुपये के घोटाले, सोना-चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के गायब होने जैसे आरोप लगाए हैं, उनके बयान आधिकारिक रूप से दर्ज किए जाएं।

पत्र में कहा गया है कि इन नेताओं से निम्नलिखित जानकारी ली जानी चाहिए—

  • आरोपों का तथ्यात्मक आधार क्या है?
  • जानकारी का स्रोत क्या है?
  • उनके पास उपलब्ध दस्तावेज या अन्य साक्ष्य क्या हैं?

यदि वे विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करते हैं तो इससे जांच में मदद मिलेगी। लेकिन यदि आरोप बिना किसी आधार के लगाए गए हैं, तो यह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

VHP Ram Mandir SCAM किन नेताओं पर क्या आरोप लगाने का उल्लेख?

VHP के पत्र में विभिन्न नेताओं के सार्वजनिक बयानों का उल्लेख किया गया है।

प्रो. रामगोपाल यादव

Ram Gopal yadav पत्र के अनुसार उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में लगभग 20,000 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है तथा श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए सोना, चांदी, हीरे और नकदी का कोई रिकॉर्ड नहीं है।

अरविंद केजरीवाल Arvind kejriwal

पत्र में कहा गया है कि अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि राम मंदिर से लगभग 200 करोड़ रुपये नकद तथा हीरे-जवाहरात सहित कई कीमती वस्तुएं गायब हो गई हैं और इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।

संजय सिंह

VHP ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि संजय सिंह ने भी सार्वजनिक रूप से 200 करोड़ रुपये से अधिक की चोरी और कई कर्मचारियों की संलिप्तता का आरोप लगाया। हालांकि पत्र में यह भी उल्लेख है कि भूमि खरीद से जुड़े उनके अलग आरोपों का संदर्भ इस शिकायत में शामिल नहीं किया गया है क्योंकि वह इस संबंध में SIT के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत कर चुके हैं।

प्रियंका गांधी वाड्रा Priyanka Gandhi

पत्र में प्रियंका गांधी के उस बयान का उल्लेख किया गया है जिसमें उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या छोटे कर्मचारी अकेले CCTV बंद कर इतनी बड़ी हेराफेरी कर सकते हैं या इसके पीछे बड़े लोगों की मिलीभगत है।

VHP ने FIR दर्ज करने की क्यों उठाई मांग?

पत्र में कहा गया है कि यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि किसी व्यक्ति ने बिना किसी तथ्यात्मक आधार के गंभीर आरोप लगाए हैं, तो जांच एजेंसी कानून के तहत उचित कार्रवाई करने पर विचार कर सकती है। VHP का तर्क है कि बिना प्रमाण के लगाए गए आरोप समाज में वैमनस्य और भ्रम पैदा कर सकते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में कानून अपना काम करे।

https://www.thehindu.com/news/national/vhp-asks-sit-toverify-claims-made-by-opposition-leaders-on-donation-theft-at-ram-temple/article71185243.ece#google_vignette

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल यह VHP द्वारा जांच अधिकारी को भेजा गया एक औपचारिक पत्र है। अंतिम निर्णय जांच एजेंसी और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। यदि जांच अधिकारी आवश्यक समझते हैं, तो संबंधित नेताओं से पूछताछ या उनके बयान दर्ज किए जा सकते हैं। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज होगी या नहीं, इसका फैसला उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के अनुसार जांच एजेंसी करेगी।

निष्कर्ष

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राजनीतिक बयानबाजी अब कानूनी बहस का विषय बनती जा रही है। VHP ने जिन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, उसका आधार उनके सार्वजनिक बयान हैं। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि जांच एजेंसी इस पत्र पर क्या कदम उठाती है और क्या संबंधित नेताओं से उनके आरोपों के समर्थन में साक्ष्य मांगे जाते हैं।

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