Uttarakhand Road Project उत्तराखंड के सड़क नेटवर्क को आधुनिक और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी Nitin Gadkari की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी Pushkar Singh Dhami ने राज्य की विभिन्न सड़क एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में लगभग ₹7,000 करोड़ की विभिन्न सड़क परियोजनाओं को सिद्धांततः मंजूरी और सकारात्मक सहमति मिली।
राज्य सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, पर्यटन को नई गति मिलेगी और आपदा प्रबंधन क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
Uttarakhand Road Project: 206 में किन योजनाओं को मिली मंजूरी
बैठक के दौरान केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (CRIF) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए लगभग ₹750 करोड़ की परियोजनाओं को स्वीकृति देने पर सहमति बनी।
इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग (NHO) के अंतर्गत लगभग ₹2,966 करोड़ की लागत वाली पांच प्रमुख परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
इन प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं—https://panchjanya.com/2026/06/30/478779/bharat/uttarakhand/uttarakhand-highway-projects-nitin-gadkari-cm-dhami-allocation-haridwar-bypass/
- श्रीनगर बाईपास परियोजना
- पुरकाजी–लक्सर–हरिद्वार फोर-लेन सड़क
- लोहाघाट और पिथौरागढ़ बाईपास का एलाइनमेंट
- मझोला से खटीमा तक आबादी वाले हिस्से में फोर-लेन विस्तार
- रामनगर–रानीखेत (मोहन) मार्ग का सुदृढ़ीकरण
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 तक की ₹530.11 करोड़ की लंबित प्रतिपूर्ति राशि जल्द जारी करने का भी अनुरोध किया।
Uttarakhand Road Project :हरिद्वार और कोटद्वार बाईपास परियोजनाओं को मिली गति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2027 के अर्धकुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार बाईपास परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूरा करने की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी तथा शहर में जाम की समस्या कम होगी।
इसके साथ ही कोटद्वार बाईपास परियोजना को भी तेजी से आगे बढ़ाने का आग्रह किया गया, जिस पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक सहमति व्यक्त की।
Uttarakhand Road Project राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ेंगे नए संपर्क मार्ग
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों को स्पर (Spur) के माध्यम से अन्य मार्गों से जोड़ने वाली लगभग ₹3,000 करोड़ की परियोजनाओं पर भी सिद्धांततः सहमति बनी।
इसके अतिरिक्त अल्मोड़ा सिकुड़ा बैंड से राष्ट्रीय राजमार्ग-309 तक सुरंग सहित मोटर मार्ग निर्माण की लगभग ₹300 करोड़ की परियोजना पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
Uttarakhand Road Project भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के लिए बनेगा वैज्ञानिक समाधान
उत्तराखंड में लगातार होने वाली भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड लैंडस्लाइड मिटिगेशन मैनेजमेंट सेंटर (ULMMC) के माध्यम से संवेदनशील क्षेत्रों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने हेतु समझौता (MoU) करने का प्रस्ताव रखा।
केंद्रीय मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी समाधान विकसित किए जा सकेंगे।
सीमांत क्षेत्रों की सड़क परियोजनाओं पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने सीमा सड़क संगठन (BRO) से संबंधित कई लंबित परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया। इनमें प्रमुख रूप से—
- ऋषिकेश–गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के हिना–तेखला–नेताला–गरमपानी खंड की DPR
- जोशीमठ बाईपास के संशोधित प्रस्ताव
शामिल हैं।
उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए कम दरों वाली निविदाओं पर लागू अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी व्यवस्था में संशोधन की भी मांग की।
पर्यटन, सीमांत विकास और आपदा प्रबंधन को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से इन परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन से उत्तराखंड की सड़क कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
इन परियोजनाओं से—
- सीमांत क्षेत्रों तक बेहतर सड़क संपर्क
- धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा
- आपदा प्रबंधन में तेजी
- स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती
- निवेश और रोजगार के नए अवसर
उपलब्ध होने की उम्मीद है।https://roshangaur.com/2026/06/27/ram-mandir-donation-row-champat-rai-anil-mishra-resignation/
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?
बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा, Ajay Tamta लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सड़क परिवहन सचिव बृजेश कुमार संत, उत्तराखंड के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा तथा केंद्र और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
उत्तराखंड सड़क परियोजनाएं 2026 राज्य के बुनियादी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। लगभग ₹7,000 करोड़ की इन परियोजनाओं के लागू होने से राज्य की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होगी, पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को बड़ा बल मिलेगा। साथ ही, आपदा प्रबंधन और रणनीतिक दृष्टि से भी इन परियोजनाओं का विशेष महत्व माना जा रहा है।